Uravi Defence and Technology Limited के लिए FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹2.14 करोड़** पर आ गया है, साथ ही ऑडिटर्स ने Spafax International Holding के अन-ऑडिटेड अकाउंट्स पर सवाल खड़ा कर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे में सुस्ती और रिपोर्टिंग पर सवाल
कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो FY26 में स्थिति कमजोर रही है। कंपनी की कुल आय पिछले साल के ₹42.24 करोड़ से घटकर ₹39.87 करोड़ रह गई है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में 16% की गिरावट आई है, जो ₹2.54 करोड़ से घटकर ₹2.14 करोड़ पर आ गया है।
क्यों नाराज हैं ऑडिटर्स?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय ऑडिटर्स की 'Qualified Opinion' है। कंपनी ने Spafax International Holding से प्राप्त ₹72.05 लाख के मुनाफे और ₹0.84 लाख की अन्य कॉम्प्रिहेंसिव इनकम को अन-ऑडिटेड मैनेजमेंट अकाउंट्स के आधार पर अपनी बैलेंस शीट में शामिल किया है। चूंकि Spafax के ऑडिटेड दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, इसलिए ऑडिटर्स को इसके आंकड़ों की विश्वसनीयता पर संदेह है।
बड़े बदलाव और आगे का रास्ता
कंपनी ने अपने बिजनेस पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव किए हैं। 5 मार्च 2026 को Uravi Defence ने SKL India (Private) Limited में अपनी 50.01% हिस्सेदारी बेच दी है। इस साल कंपनी ने कोई डिविडेंड देने की सिफारिश भी नहीं की है, ताकि कैश रिजर्व को सुरक्षित रखा जा सके।
आगामी 30 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में कंपनी अपने स्टैचुटरी ऑडिटर 'M/s Viren Gandhi & Co.' की नियुक्ति पर शेयरधारकों से मंजूरी लेगी। निवेशकों को अब Spafax के ऑडिटेड आंकड़ों का इंतजार है, जो कंपनी की भविष्य की कमाई की स्पष्ट तस्वीर साफ कर पाएंगे।
