Nibe Ltd ने उन दावों पर सफाई दी है जिनसे उसकी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं पर सवाल उठाए जा रहे थे। कंपनी ने ₹293 करोड़ के इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट कांट्रैक्ट की पुष्टि की है और 'स्क्रूड्राइवर असेंबली' के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी 200 एकड़ की शिरडी मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स पर जोर दिया है।
Nibe Ltd ने 'स्क्रूड्राइवर असेंबली' के दावों का किया खंडन, डिफेंस कांट्रैक्ट की पुष्टि
Nibe Limited ने बाहरी मीडिया के उन दावों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है, जिनसे कंपनी के ऑपरेशनल और प्रोक्योरमेंट की स्थिति पर सवाल उठाए गए थे। कंपनी ने अपने इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट कांट्रैक्ट की वैधता और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं पर जोर दिया है।
स्पष्टीकरण के मुख्य बिंदुओं में ₹293 करोड़ के इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट कांट्रैक्ट की वैल्यू शामिल है। यह कांट्रैक्ट जनवरी 2026 में साइन हुआ था और जनवरी 2026 तक वैध रहेगा। कंपनी महाराष्ट्र के शिरडी में 200 एकड़ में फैला एक इंटीग्रेटेड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स (Integrated Defence Manufacturing Complex) संचालित करती है।
हाल ही में 18-19 मई, 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में हुए तकनीकी मूल्यांकन के दौरान, सूर्यास्त्र (Suryastra) सिस्टम के लिए 150 किमी वाले टैक्टिकल वैरिएंट (tactical variant) का सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) 1.5 मीटर और 300 किमी वाले डीप-स्ट्राइक वैरिएंट (deep-strike variant) का CEP 2.0 मीटर पाया गया।
क्या हुआ?
Nibe Limited मीडिया की उन रिपोर्ट्स के खिलाफ सक्रिय रूप से अपना पक्ष रख रही है, जिनमें उसकी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'स्क्रूड्राइवर असेंबली' बताया गया था। कंपनी ने ₹293 करोड़ के इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट कांट्रैक्ट और अपने सूर्यास्त्र मिसाइल सिस्टम की तकनीकी सफलता का विस्तृत विवरण दिया है।
यह क्यों मायने रखता है?
निवेशकों के लिए यह स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे तौर पर कंपनी के मुख्य व्यवसाय की वैधता और रक्षा उपकरण को स्वदेशी रूप से निर्मित करने की उसकी क्षमता से जुड़ी चिंताओं को संबोधित करता है। कंपनी का अपने ऑर्डर बुक और मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का बचाव निवेशक का विश्वास बहाल करने का प्रयास है।
पृष्ठभूमि
Nibe Limited डिफेंस सेक्टर में काम करती है, जिसका फोकस रक्षा अनुप्रयोगों के लिए कंपोनेंट्स और सिस्टम्स का निर्माण करना है। हाल की बाहरी रिपोर्ट्स ने इसकी सुविधाओं पर स्वदेशी उत्पादन की सीमा पर संदेह जताया था।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी औपचारिक रूप से उस प्रकाशन को नोटिस जारी कर रही है जिसने ये दावे किए थे, और सुधार की मांग कर रही है। यह उसके ब्रांड और बाजार की स्थिति की रक्षा करने के मजबूत इरादे को दर्शाता है।
जोखिम
हालांकि Nibe ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है, लेकिन मीडिया या नियामक निकायों से आगे की जांच का जोखिम बना हुआ है। सार्वजनिक धारणा को प्रबंधित करने और भविष्य में नकारात्मक कवरेज को रोकने में इसके खंडन की प्रभावशीलता महत्वपूर्ण होगी।
सहकर्मी तुलना
भारत में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग 'मेक इन इंडिया' (Make in India) और 'आत्मनिर्भरता' (Aatmanirbharta) जैसी पहलों के तहत स्वदेशी उत्पादन पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रही है। इस सेक्टर की कंपनियों से अंतिम असेंबली से परे वास्तविक मैन्युफैक्चरिंग और R&D क्षमताओं का प्रदर्शन करने की उम्मीद की जाती है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को उस प्रकाशन की प्रतिक्रिया की निगरानी करनी चाहिए जिसे डिफेमेशन नोटिस का सामना करना पड़ा, साथ ही Nibe के रक्षा अनुबंधों और निर्माण प्रक्रियाओं से संबंधित किसी भी संभावित नियामक जांच या आगे की मीडिया कवरेज पर भी नज़र रखनी चाहिए।
