MTAR Technologies ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹4.25 करोड़** से बढ़कर **₹59.83 करोड़** पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी ने अपने दो सब्सिडियरी कंपनियों के मर्जर का ऐलान किया है।
धमाकेदार रहे Q2 नतीजे
MTAR Technologies ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹135.59 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹406.77 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
मर्जर से क्या बदलेगा?
कंपनी ने अपनी दो पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनियों—Gee Pee Aerospace and Defence Private Limited और Magnatar Aero Systems Private Limited—का मुख्य कंपनी में विलय (Merger) पूरा कर लिया है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से इस मर्जर को हरी झंडी मिल गई है, जो 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी है।
अब आगे की राह
इस विलय के बाद MTAR Technologies अब अपनी कानूनी संरचना को आसान बना रही है। अब कंपनी को कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स तैयार करने की जरूरत नहीं होगी और यह पूरी तरह से 'स्टैंडअलोन' (Standalone) रिपोर्टिंग फॉर्मेट में शिफ्ट हो जाएगी।
मजबूत छमाही प्रदर्शन
अगर हम पहली छमाही (H1) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी का कुल मुनाफा ₹110.06 करोड़ रहा है, जबकि रेवेन्यू ₹767.49 करोड़ दर्ज किया गया है। पिछले साल की समान अवधि में यह मुनाफा महज ₹15.06 करोड़ था। हालांकि ग्रोथ मजबूत है, लेकिन निवेशकों को अब कंपनी की पोस्ट-मर्जर ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर नजर रखनी चाहिए।
