Hindustan Aeronautics Ltd (HAL) ने अपने जॉइंट वेंचर HATSOFF Helicopter Training Pvt Ltd में बाकी बची **50%** हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। यह डील बिना किसी कैश आउटफ्लो (Zero Consideration) के पूरी होगी, जिससे HATSOFF अब HAL की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बन जाएगी।
अब पूरी तरह HAL की होगी कमान
सरकारी कंपनी HAL ने कनाडा की कंपनी CAE से HATSOFF Helicopter Training में अपनी हिस्सेदारी को पूरी तरह अपने नाम करने का एग्रीमेंट साइन कर लिया है। इस डील के तहत 3,84,04,205 शेयर खरीदे जाएंगे, जिनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी को इस अधिग्रहण के लिए अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ा है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
HATSOFF का इस्तेमाल भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces), कोस्ट गार्ड और BSF के पायलटों को सिम्युलेटर-आधारित ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता है। जॉइंट वेंचर से पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनने से HAL को अब फैसलों में तेजी लाने और ऑपरेशनल आजादी मिलेगी।
सरकारी मंजूरी और ग्रोथ
इस डील को रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) और DIPAM से हरी झंडी मिल चुकी है। अगर कंपनी के कामकाज पर नजर डालें, तो HATSOFF का टर्नओवर लगातार बढ़ रहा है। कंपनी का टर्नओवर FY24 में ₹66.49 करोड़, FY25 में ₹69.55 करोड़ और FY26 में ₹80.95 करोड़ रहा है।
आगे क्या होगा?
शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया अगले 60 दिनों के भीतर पूरी होने की उम्मीद है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर होंगी कि कैसे HAL इस पूर्ण नियंत्रण के जरिए अपनी ट्रेनिंग सर्विस के मुनाफे और मार्जिन को और बेहतर बनाती है।
