Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने SAFHAL के साथ एक अहम कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इसके तहत अब 'Aravalli' टर्बोशाफ्ट इंजन को भारत में ही डिजाइन और मैन्युफैक्चर किया जाएगा, जो भविष्य के 13-टन वाले IMRH और DBMRH हेलीकॉप्टर्स की ताकत बनेगा।
स्वदेशी तकनीक की ओर बड़ा कदम
HAL ने अपने जॉइंट वेंचर SAFHAL (जो Safran Helicopter Engines के साथ है) के साथ मिलकर 'Aravalli' इंजन के पूरे लाइफ-साइकिल के लिए डील पक्की कर ली है। इसमें इंजन की डिजाइन, डेवलपमेंट, प्रोडक्शन और मेंटेनेंस शामिल है। यह 3,500-4,000 shp का पावरफुल इंजन है, जो भारत के भविष्य के मीडियम-लिफ्ट हेलीकॉप्टर प्रोग्राम की रीढ़ साबित होगा।
क्यों है यह डील खास?
यह साझेदारी 13-टन वाले Indian Multi-Role Helicopter (IMRH) और इसके नेवल वर्जन Deck-Based Multi-Role Helicopter (DBMRH) के लिए मील का पत्थर साबित होगी। मुख्य बातें:
- आयात पर निर्भरता में कमी: कोर कंपोनेंट्स के लोकलाइजेशन से सप्लाई चेन का रिस्क कम होगा।
- MRO इकोसिस्टम: भारत में इंजन के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) की सुविधाएं विकसित होंगी।
पुरानी साझेदारी का नया रूप
HAL और Safran का इतिहास दशकों पुराना है। इससे पहले वे Cheetah, Chetak और शक्तिशाली 'Shakti' इंजन फैमिली पर साथ काम कर चुके हैं। Shakti इंजन ही वर्तमान में Advanced Light Helicopter (ALH), Light Combat Helicopter (LCH) और Light Utility Helicopter (LUH) को ताकत देता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)
एयरोस्पेस सेक्टर में प्रोजेक्ट्स जटिल होते हैं। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या कंपनी डिजाइन और टेस्टिंग की समय-सीमा पर खरी उतरती है। यदि सर्टिफिकेशन में देरी होती है, तो इसका सीधा असर IMRH और DBMRH के प्रोडक्शन शेड्यूल पर पड़ सकता है, जो HAL के भविष्य के ग्रोथ ड्राइवर्स हैं।
