Global Defence Industries (पूर्व में Nibe Ordnance) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹5.71 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी अपने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की तैयारी में है, जिसके लिए **29 सितंबर** को होने वाली AGM में शेयरधारकों से **₹1,000 करोड़** तक के कर्ज की मंजूरी ली जाएगी।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
Global Defence Industries Limited (पहले Nibe Ordnance and Maritime Limited) की 41वीं एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के कारोबार में बड़ा बदलाव दिख रहा है। कंपनी की टोटल इनकम पिछले साल के ₹4.51 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹43 करोड़ पर पहुंच गई है। हालांकि, भारी खर्चों के चलते कंपनी का खर्च ₹48.83 करोड़ रहा, जिससे कुल नेट लॉस ₹5.71 करोड़ दर्ज किया गया।
क्यों अहम है यह बदलाव?
कंपनी शिर्डी में अपने नए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स में 155mm के एम्युनिशन शेल बनाने पर जोर दे रही है। कंपनी का ₹1,000 करोड़ के कर्ज और इन्वेस्टमेंट की लिमिट के लिए मंजूरी मांगना यह दर्शाता है कि मैनेजमेंट आने वाले समय में बड़े ऑर्डर्स की उम्मीद कर रहा है। निवेशकों के लिए अब चुनौती यह है कि कंपनी का हाई कैपिटल एक्सपेंडिचर कब ऑपरेशनल प्रॉफिट में तब्दील होगा।
AGM में इन प्रस्तावों पर होगी वोटिंग
29 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे:
- रवि कांत की होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति।
- सेक्शन 180(1)(c) के तहत ₹1,000 करोड़ तक की उधारी लेने की अनुमति।
- सेक्शन 186 के तहत ₹1,000 करोड़ तक का निवेश, लोन और गारंटी देने की मंजूरी।
- Globe Forge Limited और Nibe Limited जैसी सब्सिडियरी कंपनियों के साथ मटेरियल ट्रांजैक्शन्स पर मुहर।
रिस्क और आगे का नजरिया
ऑडिट रिपोर्ट में सब्सिडियरी Nibe Maritime Private Limited की नेट वर्थ नेगेटिव दिखाई गई है, हालांकि मैनेजमेंट इसे आगे भी चालू रखने के प्रति आश्वस्त है। निवेशकों को अब शिर्डी प्लांट से मिलने वाले ऑर्डर्स और AGM में फंड लिमिट पर होने वाली वोटिंग पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
