Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) ने फाइनेंशियल ईयर **2026** में शानदार प्रदर्शन करते हुए **42%** की प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी को 'नवरत्न' (Navratna) का दर्जा मिल चुका है और वह **₹33,000 करोड़** के 'नेक्स्ट जनरेशन कॉर्वेट' प्रोजेक्ट के लिए L1 बिडर बनी है, हालांकि बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी कंपनी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
कंपनी ने अपने इतिहास का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस दौरान रेवेन्यू में 38% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹7,002.16 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹747.94 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं, EBITDA में 41% का उछाल आया है, जो ₹1,069.69 करोड़ रहा। कंपनी ने प्रति शेयर ₹19.60 का डिविडेंड भी घोषित किया है।
बिजनेस की रफ्तार
GRSE ने पिछले साल 8 जंगी जहाज भारतीय नौसेना को सौंपे हैं। कंपनी के हाई-मार्जिन बिजनेस का विस्तार हो रहा है, जिसमें शिप रिपेयर डिवीजन का रेवेन्यू ₹272.93 करोड़ और एक्सपोर्ट रेवेन्यू 268% बढ़कर ₹270.70 करोड़ हो गया है। मौजूदा ऑर्डर बुक ₹15,324.13 करोड़ की है, जिसमें ₹33,000 करोड़ का कॉर्वेट कॉन्ट्रैक्ट जुड़ना अभी बाकी है।
गवर्नेंस और चुनौतियां
तेजी के बीच कंपनी के लिए एक बड़ा रिस्क गवर्नेंस को लेकर है। SEBI के नियमों के मुताबिक, बोर्ड में पर्याप्त इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (और महिला इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) की कमी है, जिसके चलते कंपनी को एक्सचेंज की तरफ से पेनाल्टी भी झेलनी पड़ी है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह नियुक्तियां सरकार के स्तर पर लंबित हैं।
आगे की राह
कंपनी अपनी कैपेसिटी बढ़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के रायचक में नया शिपयार्ड बनाने की योजना पर काम कर रही है। निवेशकों की नजर अब आधिकारिक तौर पर ₹33,000 करोड़ के कॉर्वेट कॉन्ट्रैक्ट पर साइन होने और बोर्ड कंप्लायंस के समाधान पर टिकी है।
