Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) ने भारतीय नौसेना के साथ **₹32,000 करोड़** का एक बड़ा एग्रीमेंट साइन किया है। इसके तहत कंपनी **5** नेक्स्ट जनरेशन कोरवेट (Next Generation Corvettes) बनाएगी, जिससे कंपनी के ऑर्डर बुक को बड़ा बूस्ट मिला है।
बड़े प्रोजेक्ट का आगाज
रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी GRSE ने नई दिल्ली में भारतीय नौसेना के साथ ₹32,000 करोड़ के इस ऐतिहासिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। यह डील पिछले साल मई में कंपनी द्वारा सबसे कम बोली लगाने के बाद फाइनल हुई है। यह न केवल कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि 'मेक इन इंडिया' डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को भी मजबूती देती है।
इस डील की खासियत
ये 5 नेक्स्ट जनरेशन कोरवेट 127 मीटर लंबी होंगी, जो अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगी। इन जहाजों में CODAG-CC प्रोपल्शन सिस्टम, एंटी-शिप मिसाइलें और मल्टी-फंक्शन रडार जैसे हाई-टेक सिस्टम लगाए जाएंगे।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
- ऑर्डर बुक का विस्तार: इस कॉन्ट्रैक्ट से कंपनी के पास आने वाले कई सालों तक रेवेन्यू की स्पष्ट विजिबिलिटी रहेगी।
- मौजूदा क्षमता: GRSE फिलहाल 9 युद्धपोत और 36 अन्य प्लेटफार्मों पर काम कर रही है। कंपनी की एक साथ 28 जहाजों को हैंडल करने की क्षमता है, लेकिन इतने बड़े प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना एक बड़ी चुनौती होगी।
रिस्क फैक्टर और सतर्कता
रक्षा क्षेत्र के कॉन्ट्रैक्ट्स में लागत और समय सीमा (Delivery Timeline) सबसे बड़ी चुनौती होते हैं। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मार्जिन और प्रोजेक्ट की एग्जीक्यूशन स्पीड पर नजर रखनी चाहिए। लागत में बढ़ोतरी या तकनीकी देरी जैसे रिस्क पर भी ध्यान देना जरूरी होगा, क्योंकि ये मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
