Centum Electronics ने अपनी मजबूत स्थिति का लोहा मनवाते हुए **₹1,800 करोड़** की दमदार ऑर्डर बुक रिपोर्ट की है। कंपनी को HAL, GRSE और ISRO जैसे बड़े संस्थानों से नए ऑर्डर मिले हैं।
डिफेंस और स्पेस सेक्टर में दबदबा
Centum Electronics ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए फोकस को हाई-मार्जिन 'बिल्ड-टू-स्पेसिफिकेशन' (BTS) प्रोग्राम्स पर शिफ्ट किया है। हाल ही में कंपनी को Hindustan Aeronautics Limited (HAL) से AESA रडार सिस्टम के लिए ₹66 करोड़ का ऑर्डर मिला है, जिसके बाद ₹500 करोड़ के फॉलो-ऑन प्रोडक्शन ऑर्डर की भी उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी ISRO के ₹350 करोड़ के सैटेलाइट प्रोजेक्ट पर भी नजर गड़ाए हुए है।
रेवेन्यू का गणित
कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को दो हिस्सों में बांटा है:
- EMS (कैश इंजन): जो रेवेन्यू का 72% हिस्सा संभालता है।
- BTS (वैल्यू इंजन): जो रेवेन्यू का 28% है, लेकिन यहां मार्जिन 18% से 20% तक है।
कुल ₹1,800 करोड़ की ऑर्डर बुक में EMS का हिस्सा ₹871.8 करोड़ और BTS का हिस्सा ₹925.4 करोड़ है, जो साफ दिखाता है कि कंपनी वैल्यू-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रही है। Q1-FY27 में कंपनी ने ₹204.8 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू और ₹13.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि EBITDA मार्जिन 11.28% रहा।
ध्यान देने वाली बात (Risks & Outlook)
निवेशकों को यह समझना होगा कि BTS प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में 2 से 2.5 साल का लंबा वक्त लगता है। हालांकि मार्जिन अच्छे हैं, लेकिन सिस्टम इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट्स में समय के साथ-साथ एग्जीक्यूशन का रिस्क भी होता है। कंपनी का भविष्य Bharat Electronics Limited (BEL) के साथ हुए नए MoU और HAL के फेज-2 ऑर्डर्स के सफल कन्वर्जन पर टिका है।
