Balu Forge Industries अब ऑर्डर मिलने के बाद उसे डिलीवर करने के चरण में पहुंच गई है। कंपनी ने **152mm** शेल की डिलीवरी पूरी कर ली है और भारतीय रक्षा मंत्रालय से **105mm** शेल के नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं। साथ ही, कंपनी ने एयरोस्पेस सेक्टर में भी एंट्री मार ली है।
डिफेंस सेक्टर में दबदबा
Balu Forge ने अपने ऑपरेशनल माइलस्टोन को पार करते हुए 152mm शेल की सफलतापूर्वक डिस्पैच कर दी है। इसके अलावा, कंपनी को 155mm ERFB शेल के लिए क्वालिटी अप्रूवल भी मिल गया है, जो कंपनी की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। साथ ही, भारतीय रक्षा मंत्रालय से 105mm शेल के नए ऑर्डर्स ने कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती दी है।
एयरोस्पेस और नए मार्केट में एंट्री
रक्षा क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए, Balu Forge अब एयरोस्पेस मार्केट में भी कदम रख चुकी है। कंपनी को जेट इंजन कंपोनेंट्स के लिए मंजूरी मिली है, जो एक 'हाई-बैरियर' सेक्टर है। इसके अलावा, अमेरिका के ऑयल एंड गैस सेक्टर और चेक रिपब्लिक की आर्मर्ड व्हीकल बनाने वाली कंपनियों से मिले ऑर्डर्स से कंपनी का ग्लोबल पोर्टफोलियो काफी डाइवर्सिफाइड हो गया है।
भविष्य की योजना और ग्रोथ
कंपनी के मैनेजमेंट ने अगले दो सालों के लिए सालाना 25% से 30% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। कंपनी अपनी मशीनिंग कैपेसिटी को 80,000 टन तक ले जाने की तैयारी कर रही है। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Trimaan Chandock के अनुसार, कंपनी अब ऑर्डर बुक को कैश फ्लो में बदलने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है।
निवेशकों के लिए सावधानी
हालांकि कंपनी का आउटलुक काफी पॉजिटिव है, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी हाई-वॉल्यूम प्रोडक्शन के दौरान कितनी सटीकता बनाए रखती है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में इंटरनेशनल ऑर्डर्स के एग्जीक्यूशन और रेवेन्यू रीयलाइजेशन की गति पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
