Azad Engineering के शेयरों में तूफानी तेजी! Q1 में रेवेन्यू **26.8%** बढ़ा, स्वदेशी टर्बोजेट इंजन की डिलीवरी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Azad Engineering के शेयरों में तूफानी तेजी! Q1 में रेवेन्यू **26.8%** बढ़ा, स्वदेशी टर्बोजेट इंजन की डिलीवरी

Azad Engineering ने FY27 की पहली तिमाही (Q1) में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने रेवेन्यू में **26.8%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी ने **₹170.5 करोड़** का रेवेन्यू हासिल किया। इसके साथ ही, कंपनी ने भारत के पहले स्वदेशी टर्बोजेट इंजन की डिलीवरी देकर एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है, जो प्रोपल्शन सिस्टम के क्षेत्र में कंपनी की बढ़त को दर्शाता है। मैनेजमेंट का कहना है कि वे सालाना **25%** से अधिक की रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य को लेकर आश्वस्त हैं।

Q1 FY27 में कैसा रहा प्रदर्शन?

Azad Engineering Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जो कंपनी की मजबूत साल-दर-साल ग्रोथ को दिखाते हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹170.5 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹134.5 करोड़ की तुलना में 26.8% ज्यादा है। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹172.6 करोड़ दर्ज किया गया।

स्वदेशी टर्बोजेट इंजन की ऐतिहासिक डिलीवरी

वित्तीय नतीजों के साथ-साथ, कंपनी ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक उपलब्धि भी हासिल की है। Azad Engineering ने डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE) को भारत के पहले स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन की डिलीवरी सफलतापूर्वक पूरी की है। यह कदम कंपनी को सिर्फ कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी से आगे बढ़कर एक इंटीग्रेटेड प्रोपल्शन सिस्टम प्रोवाइडर के रूप में स्थापित करता है।

EBITDA और PAT में भी उछाल

ऑपरेटिंग परफॉरमेंस की बात करें तो, EBITDA में 32.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹64 करोड़ तक पहुंच गया। मार्जिन भी बढ़कर 37.6% हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 36.1% था। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 21.2% की वृद्धि देखी गई और यह ₹36.4 करोड़ रहा।

आगे क्या उम्मीद करें?

यह नतीजे और टर्बोजेट इंजन की डिलीवरी कंपनी के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकते हैं। Azad Engineering वैल्यू चेन में ऊपर चढ़ने की ओर अग्रसर है, जिससे भविष्य में अधिक मार्जिन और बड़े, जटिल कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। कंपनी के तुनिकी बोलारम प्लांट का विस्तार, जिसमें अप्रैल 2026 में बेकर ह्यूजेस के लिए एक समर्पित सेक्शन का उद्घाटन हुआ, वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में रेवेन्यू में महत्वपूर्ण योगदान देगा। कंपनी ने 25% से अधिक की वार्षिक रेवेन्यू ग्रोथ के अपने लक्ष्य को दोहराया है, जो इसके बिजनेस के भविष्य को लेकर मैनेजमेंट के विश्वास को दर्शाता है।

जोखिम पर भी रखें नजर

निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना होगा। कंपनी के कर्मचारी खर्चों में बढ़ोतरी हुई है, जो ₹29 करोड़ से बढ़कर ₹42 करोड़ हो गया है, क्योंकि भविष्य की प्रोडक्शन को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। जैसे-जैसे प्रोडक्शन बढ़ेगा, इन खर्चों का सामान्य होना महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट, खासकर देनदारों के दिनों को वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी छमाही तक 160-180 दिनों के लक्ष्य तक कम करना, एक फोकस एरिया बना हुआ है। फैक्ट्री विस्तार और प्रोडक्शन को एक साथ बढ़ाना अपने आप में जटिलताएं और एग्जीक्यूशन रिस्क लेकर आता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.