Axiscades Technologies ने अपने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग सर्विसेज डिविजन में 51% हिस्सेदारी Akkodis को बेचने का ऐलान किया है। इस डील से मिली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने 'Power 930' ग्रोथ प्लान को फंड करने के लिए करेगी, जिसका लक्ष्य FY30 तक **₹9,000 करोड़** का रेवेन्यू और **₹960 करोड़** का PAT हासिल करना है।
ग्रोथ के लिए नई रणनीति
Axiscades Technologies ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी अपनी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग सर्विसेज डिविजन की 51% हिस्सेदारी Akkodis को बेचने जा रही है। Akkodis, ज्यूरिख की एक जानी-मानी डिजिटल इंजीनियरिंग कंसल्टिंग कंपनी है। इस डील को दो चरणों (tranches) में पूरा किया जाएगा और इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी के महत्वाकांक्षी 'Power 930' ग्रोथ प्लान को पूरी तरह से फंड करना है।
डील का मुख्य बिंदु
Axiscades Technologies ने बताया है कि वह अगले 24 से 30 महीनों तक शेष 49% हिस्सेदारी अपने पास रखेगी। इस पूरे ट्रांजेक्शन के Q3 FY27 (अक्टूबर-दिसंबर 2026) तक पूरा होने की उम्मीद है, बशर्ते सभी रेगुलेटरी अप्रूवल मिल जाएं।
'Power 930' प्लान का क्या है मकसद?
इस डील से जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल Axiscades के 'Power 930' प्लान में किया जाएगा। यह कंपनी की पांच साल की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके जरिए कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2030 तक लगभग ₹9,000 करोड़ का रेवेन्यू और ₹960 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज करने का लक्ष्य रखती है।
इसके अलावा, कंपनी अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी को भी बदल रही है। अब वह एक 'प्लेटफॉर्म बिजनेस' के तौर पर काम करेगी और चार मुख्य क्षेत्रों पर फोकस करेगी: एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग, SCM और MRO; ACAT (डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग); XiDA Inc (AI-संचालित इलेक्ट्रॉनिक्स); और एक नया स्पेस डिविजन।
सर्विस से मैन्युफैक्चरिंग की ओर
Axiscades Technologies अब तक सर्विसेज-लेड मॉडल पर काम कर रही थी, लेकिन अब वह मैन्युफैक्चरिंग-फोकस्ड अप्रोच की ओर बढ़ रही है। कंपनी का मानना है कि उसकी मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजीज एयरोस्पेस, डिफेंस और स्पेस सेक्टर में आसानी से अपनाई जा सकती हैं।
आगे क्या होगा?
इस डील से कंपनी को अपनी एयरोस्पेस फैसिलिटीज की क्षमता बढ़ाने और नया स्पेस डिविजन स्थापित करने के लिए जरूरी कैपिटल मिलेगा। साथ ही, यह रणनीतिक अधिग्रहण (acquisitions) के रास्ते भी खोलेगा। इस बदलाव के दौरान, Axiscades और Akkodis एक ट्रांजिशनल सर्विसेज एग्रीमेंट के तहत मिलकर काम करेंगे ताकि बिजनेस में कोई रुकावट न आए।
इन जोखिमों पर रखें नजर
इस डील में कुछ प्रमुख जोखिम भी शामिल हैं, जैसे पहले चरण (Tranche 1) के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल का सफलतापूर्वक मिलना और नए स्ट्रक्चर के तहत बिजनेस यूनिट्स का प्रभावी इंटीग्रेशन। 'Power 930' प्लान का सफल कार्यान्वयन (execution) भी महत्वपूर्ण होगा।
