Apollo Micro Systems के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने कंपनी के डिफेंस टेंडर के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे कंपनी की L-1 बिडर के रूप में स्थिति पूरी तरह बरकरार है।
कोर्ट से मिली बड़ी राहत
Apollo Micro Systems ने स्पष्ट किया है कि आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने 9 सितंबर, 2026 के अपने फैसले में प्रतिस्पर्धी कंपनी Jaykay Enterprises Limited द्वारा दायर याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कंपनी को मिले डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट को रद्द करने और बिडर्स को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने आधारहीन माना है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
अदालत ने कंपनी या टेंडर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, मिलीभगत या मनमानी के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। इस टेंडर में भारत सरकार, Defence Research and Development Organisation (DRDO) और Naval Science and Technological Laboratory मुख्य रूप से शामिल हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मीडिया में चल रही ₹1 की बिड की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं और उनका इस टेंडर या कोर्ट के फैसले से कोई लेना-देना नहीं है।
आगे का रास्ता
कंपनी का यह टेंडर अब DRDO Procurement Manual, 2025 के तहत प्री-अवार्ड वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरेगा। अपनी 경쟁त्मक (Competitive) प्राइसिंग के बारे में कंपनी ने बताया कि उनकी PBMM-NG अंडरवाटर माइन तकनीक के कारण उन्हें अतिरिक्त डेवलपमेंट खर्च की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे उन्हें फायदा मिला है। निवेशक अब इस डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट के फाइनल वेरिफिकेशन और उसके बाद आने वाली अपडेट्स पर अपनी नजर बनाए रखें।
