Apollo Micro Systems Limited ने सेमी-एक्टिव लेजर होमिंग सिस्टम (SALHS) के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर हासिल कर लिया है। इसके साथ ही कंपनी का MIGM विघाना (Vighana) प्रोग्राम अब प्रोडक्शन फेज में पहुंच गया है, जो कंपनी की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को एक नई ऊंचाई देता है।
डिफेंस टेक्नोलॉजी में बड़ी बढ़त
Apollo Micro Systems ने रक्षा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए सेमी-एक्टिव लेजर होमिंग सिस्टम (SALHS) के लिए ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (ToT) हासिल कर ली है। यह तकनीक हथियारों को लेजर सिग्नल्स के जरिए सटीक निशाना लगाने में मदद करती है, जो कंपनी के प्रिसिजन-गाइडेड डिफेंस पोर्टफोलियो के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
MIGM विघाना का प्रोडक्शन शुरू
कंपनी का मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM), जिसे 'विघाना' के नाम से जाना जाता है, अब प्रोडक्शन के दौर में प्रवेश कर चुका है। यह प्रोजेक्ट DRDO के डिज़ाइन-कम-प्रोडक्शन-पार्टनर (DcPP) मॉडल के तहत संचालित हो रहा है। 3 जुलाई, 2026 को इसे 'एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी' (AoN) मिली थी।
सप्लाय चेन पर फोकस
कंपनी का लक्ष्य आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि वे इस प्रोग्राम के मुख्य घटकों जैसे फाइबर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और विस्फोटकों का निर्माण इन-हाउस (कंपनी के भीतर) करेंगे। इससे न केवल सप्लाय चेन पर नियंत्रण बढ़ेगा, बल्कि कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में भी इजाफा होगा।
आगे का रास्ता
डिफेंस सेक्टर में यह कदम कंपनी की भविष्य की संभावनाओं को बेहतर बनाता है। निवेशकों के लिए अब महत्वपूर्ण यह होगा कि कंपनी प्रोडक्शन के लक्ष्यों को कितनी तेजी से पूरा करती है और आने वाले समय में इसे किस तरह के नए ऑर्डर मिलते हैं।
