Apollo Micro Systems ने वित्त वर्ष 2026 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **91%** बढ़कर **₹107.38 करोड़** पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **61%** की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की पूरी कहानी
Apollo Micro Systems (AMS) ने FY26 में बेहतरीन रफ्तार पकड़ी है। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 61% उछलकर ₹904.32 करोड़ हो गया है। साथ ही, कंपनी का EBITDA भी पिछले साल के ₹132.10 करोड़ से बढ़कर ₹224.44 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी ने अपनी 29वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर 2026 के लिए तय की है।
डिफेंस OEM के तौर पर बदलाव
यह नतीजे कंपनी के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत हैं। AMS अब सिर्फ एक सब-सिस्टम सप्लायर नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड डिफेंस ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) बनने की राह पर है। कंपनी ने ₹107 करोड़ में IDL Explosives का अधिग्रहण कर एनर्जेटिक्स सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत की है। इसके अलावा, लाइफटाइम आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस और पहला एक्सपोर्ट ऑर्डर मिलने से कंपनी ग्लोबल मार्केट में अपनी जगह बना रही है।
भविष्य की योजनाएं और बड़े प्रोजेक्ट
AMS अपने ऑपरेशंस को बड़े डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए तैयार कर रही है। TSIIC हार्डवेयर पार्क में 10.68 एकड़ जमीन पर विस्तार किया जा रहा है। साथ ही, तेलंगाना सरकार के साथ ₹1,500 करोड़ के ग्रीनफील्ड डिफेंस और हाई-एनर्जेटिक एक्सप्लोसिव प्रोजेक्ट के लिए MoU साइन किया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
इतनी ग्रोथ के बावजूद निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए। ₹1,500 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन रिस्क पैदा करता है। साथ ही, सरकारी डिफेंस प्रोक्योरमेंट साइकिल में होने वाली अनिश्चितता भी एक चुनौती है। कंपनी ने State Bank of India के साथ ₹635.90 करोड़ तक के कर्ज को इक्विटी में बदलने की सुविधा पर भी सहमति दी है, जो कंपनी के बढ़ते लेवरेज (Leverage) को दर्शाता है।
आने वाले समय में कंपनी के इस बड़े प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस और एक्सप्लोसिव सेगमेंट के प्रदर्शन पर सबकी नजरें टिकी होंगी।
